Wednesday, April 28, 2021
वर्तमान हालात और हमारा भविष्य
Friday, April 23, 2021
एक खुली खिड़की और किताबों का संसार
Wednesday, April 21, 2021
स्वप्न और यथार्थ
Tuesday, April 20, 2021
स्वप्न और विस्तार
Monday, April 19, 2021
अचानक से उदासी के बादल हटे
Saturday, April 17, 2021
माँ का होना और माँ होना
Thursday, April 15, 2021
कुछ समय के लिये अतीत में जाना
समय पीछे मुड़ चला, हम आगे बढ़ चले
लम्बे समय के बाद घर की खाली जमीन पर बच्चों को फिर से खेलते देखना, सुखद आश्चर्य से भर गया। अचानक से लगा जैसे सभी बच्चे कितने बड़े हो गए, लेकिन बचपन की वे यादें बाकी थीं। अपने से छोटे भाई-बहन के साथ वैसे ही पकड़म-पकड़ाई, लुकाछिपी का खेल खेलते बीती यादें संजोने लगे थे। और उन्हें देखना अतीत को धरातल पर लाना था, अब वो समय और सदियां कहाँ से लौटेंगी, अब वो उम्र कहाँ से लौटेगी। अब वर्तमान है, सपने हैं, संघर्ष है और एक जंग है ...जीतना है, हर हाल में जीतना है। अतीत से लौटने के बाद भविष्य में झांकना है, यही हाँ यही सच है।
खेल खत्म हुआ था, मैं लौट कर भी वहीं थी, बच्चे पूरी तरह लौट चुके थे...अपनी किताबों में, इंटरनेट पर और गर्मागर्म चाय की प्यालियों में अपने छोटे भाई-बहन को आश्चर्य में डालते हुए जो अब अपने खिलौनों से खेलने में लगे थे।
🍃🍂
----------रश्मि पाठक
🎸🎤🥁
Time turned back, we moved forward
After a long time, watching the children play again on the empty ground of the house was filled with pleasant surprises. Suddenly it seemed as if all the children had grown up, but those memories of childhood were left. Likewise with his younger siblings, he had begun to cherish past memories while playing a game of hide and seek. And to see them was to bring the past to the ground, now where will those times and centuries return, now where will that age come back. Now it is present, there are dreams, there is struggle and there is a war ... to win, to win in any case. After returning from the past, one has to look into the future, that is true.
The game was over, I was still there after returning, the children had returned completely… in their books, on the internet and in hot tea cups to surprise their younger siblings who are now playing with their toys Was engaged
🍃🍂
---------- Rashmi Pathak
Wednesday, April 14, 2021
पिछले पन्नों की लिखावट
वक़्त का इशारा
Tuesday, April 13, 2021
आत्मशक्ति
बाज़ारवाद की नीति मेहनत नहीं जरूरतों पर निर्भर है
बाज़ारवाद की नीति मेहनत नहीं जरूरतों पर निर्भर है किसी नए काम की शुरुआत करने में कोई बुराई नहीं होती। पहले शुरुआत होगी तभी तो उसे समझ...
-
पिछले पन्नों की लिखावट तस्वीर और तकदीर में फर्क एक यह भी है कि तस्वीरों को अपने हिसाब से खूबसूरत बनाया जा सकता है लेकिन, तकदीर को खूबसूरत रा...
-
बाज़ारवाद की नीति मेहनत नहीं जरूरतों पर निर्भर है किसी नए काम की शुरुआत करने में कोई बुराई नहीं होती। पहले शुरुआत होगी तभी तो उसे समझ...
-
बगैर किसी योजना के दिन का गुज़रना कभी ऐसा भी होता है कि जिस बात की योजना पहले से बनी हो वह पूरी नहीं होती और कभी बिना किसी योजना के किये काम ...